महिला ने ऑटो में दिया बच्चे को जन्म; मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही

- सरकारी अस्पताल के बाहर ऑटो में हुई डिलीवरी

- स्टाफ नर्सों की लापरवाही की वजह से हुई ऑटो में डिलीवरी

- आननफानन में लेजाया गया लेबर रूम में जच्चा और बच्चा

- बच्चे के पिता का आरोप, कई बार किया गया एम्बुलेंस के लिए फोन, लेकिन नहीं मिली कोई मदद

- मजबूरी में ऑटो में लेकर पहुंचा अस्पताल, अस्पताल में भी नर्सों की लापरवाही से जच्चा और बच्चा की जान पर बन आया खतरा

- इससे पहले भी ऑटो में अस्पताल के गेट पर डिलीवरी होने के चलते विवादों में रहा है साइबर सिटी गरुग्राम का यह सरकारी अस्पताल

व्यूज़ 24 (सूरज दुहन - गुरुग्राम, हरियाणा) :: "सर हमने कई बार सरकारी अस्पताल में नर्सों को फोन लगया कि मेरी बीवी को तकलीफ ज्यादा हो रही है आप एम्बुलेंस भेज दो, लेकिन एम्बुलेंस जब काफी देर तक नहीं आई तो मजबूरन अपनी बीवी को ऑटो में लाना पड़ा।" यह सूरते-हाल हैं साइबर सिंटी और मिलेनियम सिटी जैसे बड़े नामों से विखायत गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल का; जहां गरीबो के साथ कैसा भद्दा मजाक किया जा रहा है यह इनकी जबानी खुद आप ऊपर पढ़ ही चुके हैं।

आपको बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब गर्भवती महिलाओं के साथ इस कदर लापरवाही बरती गई हो। इससे पहले भी दर्जनों ऐसे मामले इस सरकारी अस्पतालों में दर्ज़ किये गए हैं। जिनमे कभी अस्पताल के गेट पर, तो कभी इमरजेंसी के टॉयलेट में, कभी एम्ब्युलेंस के इंतज़ार में, गाड़ी में ही असुरक्षित डिलीवरी करवाई गई या हो गयी। इन सबके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं इस मसले के बाद गुरुग्राम के चीफ मेडिकल अधिकारी जसवंत पुनिया ने आश्वासन देते हुए कहा कि, "अगर मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बरती गई होगी तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी"।

आपको बताते चलें कि यह सूरते - हाल तब भी नहीं सुधर रहा जब बीते दिनों रिव्यू मीटिंग के बाद 117 नवजात बच्चों की विभिन्न कारणों से हुई मौत के गंभीर आंकड़े जिले भर के अस्पतालों में दर्ज किए गए थे। हालांकि फिलहाल बच्चे और माँ की स्थिति स्थिर बनी हुई है और दोनों ही डॉक्टरों की निगरानी में है।

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