दलित लोकसभा प्रत्याशी को जमीन पर बैठा अन्य नेताओं ने पकड़ी कुर्सियां, कांग्रेस व भाजपा ने लगाये एक-दूजे पर आरोप

वैन (हरीश पाठक - भरतपुर, राजस्थान) :: राजस्थान के भरतपुर में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है जिसमें लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी रंजीता कोली नीचे जमीन पर बैठी हुई है और भाजपा के नेता ऊपर कुर्सी पर बैठे हुए हैं। इसको लेकर राजस्थान की कांग्रेस सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने उस फोटो को अपने अकाउंट पर ट्वीट किया है और लिखा है कि दलितों के प्रति भाजपा का चरित्र। भाजपा से भरतपुर प्रत्याशी रंजीता कोली को बीजेपी ने जमीन पर बैठाकर यह साफ़ कर दिया है कि भाजपा में महिलाओं एवं दलितों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है?

दरअसल विगत 17 अप्रेल को बैर विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गाँव में भाजपा नेताओं ने भरतपुर से भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी रंजीता कोली को लेकर चुनाव प्रचार किया और सरसेना गाँव में लोगों से जनसम्पर्क करने के दौरान ग्रामीणों के साथ एक छोटी सी सभा का आयोजन किया। इस सभा में भाजपा नेता तो ऊपर कुर्सी पर बैठे हुए दिखाई दिए लेकिन प्रत्याशी जमीन पर भाजपा नेताओं के पैरों के पास बैठी दिख रही हैं। यहाँ तक कि रंजीता कोली को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गयी, जिसका फोटो आज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद कांग्रेस भी भाजपा नेताओं की आलोचना करने में आगे आ चुकी है और उन्होंने आरोप लगाया है कि इस फोटो से यह साबित होता है की भाजपा में महिलाओं व दलितों की क्या इज्जत है?

इस वायरल फोटो को लेकर भाजपा नेता डॉ शैलेश सिंह ने बताया कि आज भाजपा की लहर है और भाजपा प्रत्याशी रंजीता कोली की अच्छे मतों से जीत होने की पूरी उम्मीद है जिसके चलते विपक्षी पार्टी बौखला गयी है और फोटोशॉप के जरिये उन्होंने फोटो एडिट कर वायरल किया है। इसकी शिकायत चुनाव आयोग के समक्ष की जाएगी। आज भाजपा सरकार में विदेश व रक्षा मंत्री महिलाएं है और राष्ट्रपति भी दलित समाज से हैं जो यह साबित करता है कि भाजपा में महिलाओं व दलितों की इज्जत और सम्मान दोनों किये जाते हैं।

कांग्रेस सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बताया की किसी भी महिला को सम्मान देना चाहिए चाहे वह किसी भी जाती या धर्म की हो लेकिन ये भाजपा वाले क्या भला करेंगे दलितों का जब महिला प्रत्याशी ही जमीन पर बैठी हुई है और कल के लड़के जिनको यह नहीं पता कि राजनीति क्या है वे कुर्सी पर बैठे हुए हैं। महिला भाजपा प्रत्याशी जमीन पर बैठी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन भाजपा नेताओं को भाजपा प्रत्याशी से माफ़ी मांगनी चाहिए। जनसभा के दौरान मैं भी अकेला कुर्सी पर बैठ सकता था लेकिन मेने पहले बुजुर्गों को कुर्सियों पर बिठाया है। मेरा आरोप है कि भाजपा महिला व दलित विरोधी है और खासकर किसानों के तो ये लोग पूरे विरोधी हैं।

दरअसल भरतपुर की लोकसभा सीट 2008 में परिसीमन के बाद अनुसूचित जाती के लिए आरक्षित कर दी गयी थी जहां भाजपा ने अनुसूचित जाति की महिला रंजीता कोली को अपना प्रत्याशी बनाया है।

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