बाबा पृथ्वीनाथ में महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु ने किया जलाभिषेक

व्यूज़ 24 (अनूप कुमार - गोंडा, उत्तर प्रदेश) :: पांडवों द्वारा स्थापित बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था से ओतप्रोत हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिये पहुंचे। उत्तर प्रदेश के खरगूपुर नगर पंचायत से पश्चिम में महज तीन किलोमीटर व जनपद मुख्यालय से 32 किलोमीटर दूरी पर स्थित पौराणिक पृथ्वीनाथ मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि द्वापरयुग में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने अलग-अलग स्थानों पर विशाल शिवलिंगों की स्थापना की थी। जिनमें पृथ्वीनाथ में भीमसेन द्वारा विशाल शिवलिंग स्थापित की गई थी। कहा जाता है कि बकासुर दैत्य के वध के उपरांत समस्त कुंती पुत्रों को ब्रह्म हत्या लगी थी, इस पाप के निवारण हेतु श्री कृष्ण के आदेशानुसार महाबली भीम द्वारा इस विशालतम शिवलिंग की स्थापना की गई थी। छ: फुट ऊंचा व पैंसठ फुट जमीन के नीचे सात अरघों वाला यह शिवलिंग काले कसौटी के दुर्लभ पत्थर से बना हुआ है जो अपने आप में अद्भुत व अकल्पनीयता को दर्शाता है। करीब चार दशक पूर्व तत्कालीन सांसद राजा आनंद सिंह के पत्र पर पुरातत्व विभाग की जांच में पता चला कि यह एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है। जो लगभग 6500 वर्ष प्राचीनतम महाभारत काल का है। विदित हो कि मंदिर वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के देखरेख में व जिलाधिकारी मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक दर्शन व पूजन करने से लोगों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यहां महाशिवरात्रि, कजली तीज के साथ ही जेठ दशहरा एवं हर तीसरे साल मलमास तथा प्रतिवर्ष श्रावण माह में एक महीने तक भव्य मेला लगता है। आसपास के जिलों सहित नेपाल राष्ट्र के श्रद्धालु गण यहां जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करने आते हैं।

महंत पंडित जगदंबा प्रसाद तिवारी ने वैन न्यूज़ एजेंसी को बताया कि लगभग बारह वर्षों से मैं मंदिर में सेवा कर रहा हूं। महाशिवरात्रि पर्व को देखते मंदिर परिसर में सारी तैयारियां पूरी की गई थी। महाशिवरात्रि पर्व से बड़ा कोई परम तत्व पर्व नहीं है। अतः इस दिन जो मनुष्य शिवपूजन नहीं करता है वह सहस्त्र जन्मों तक अनेक योनियों में भ्रमण करता रहता है। महाशिवरात्रि व्रत एवं पूजन के प्रभाव से भक्तगणों के असंभव से असंभव कार्य भी संभव व पूर्ण हो जाते हैं तथा मनुष्य को मनोवांछित फल की प्राप्ति भी होती है। अंत में वह मोक्ष को प्राप्त कर लेता है अतः हर मनुष्य को महाशिवरात्रि व्रत एवं शिव पूजन करना चाहिए।

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